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* श्रीहरिः *
( वेद व्यास प्रणीत )
श्रीमार्कण्डेय पुरागा
* भाषा टीका सहित
जिसको-
अनेक पुस्तकों के रचयिता
बा० वृन्दावनदास, बी० ए०, एल-एल० बी०
ने
बहुत शुद्ध और सरल हिन्दी भाषा
मैं
अनुवादित किया ।
मुद्र और प्रकाशक-
लाला श्यामलाल हीरालाल
श्यामकाशी प्रेस
मथुरा।
प्रथमवार ११०० ] सन् १६४१ ई०
[ मूल्य ४)
PDF Creation and Uploading by:
Hari Parshad Das (HPD)
on 4 December 2014